
LTC में हवाई यात्रा की छूट 25.09.2028 तक बढ़ी: पूर्वोत्तर, J&K, लद्दाख और अंडमान के लिए क्या हैं शर्तें (DoPT OM 09.09.2026)
- Date of Posting
- 3 November 2026
- Applies to
- All states
CCS (LTC) Rules, 1988 के तहत पात्र केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए LTC (अवकाश यात्रा रियायत) की एक विशेष सुविधा उपलब्ध है, जिसके अंतर्गत पूर्वोत्तर क्षेत्र, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की यात्रा हवाई मार्ग से की जा सकती है। यह सुविधा 25 सितंबर 2026 को खत्म होनी थी। DoPT ने 9 सितंबर 2026 के कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से इसे दो साल और, यानी 25 सितंबर 2028 तक, बढ़ा दिया है। रेलवे कर्मचारी इन नियमों के सामान्य दायरे से बाहर हैं, इसलिए उनके लिए स्थिति नीचे अलग से समझाई गई है। इस लेख में हम आदेश की शर्तें, टिकट बुकिंग के नियम और LTC की बुनियादी बातें आसान भाषा में बता रहे हैं।
मुख्य बातें
छूट की नई अवधि: 26 सितंबर 2026 से 25 सितंबर 2028 तक (दो साल)।
यह “स्पेशल डिस्पेंसेशन स्कीम” है। इसमें कर्मचारी चार साल के ब्लॉक में अपना एक होम टाउन LTC बदलकर पूर्वोत्तर, अंडमान-निकोबार, J&K या लद्दाख की यात्रा कर सकते हैं।
जिन्हें LTC में हवाई यात्रा का हक नहीं है, वे भी कुछ तय रास्तों पर इकोनॉमी क्लास में किसी भी एयरलाइन से हवाई यात्रा कर सकते हैं (नीचे तालिका)।
हवाई टिकट अधिकृत ट्रैवल एजेंटों (Balmer Lawrie, Ashok Travels, IRCTC) से ही बुक करने होते हैं, और सबसे सस्ता उपलब्ध किराया चुनना होता है।
रेलवे कर्मचारी CCS (LTC) नियमों के दायरे से बाहर हैं, पर रेलवे कर्मचारी चार साल के ब्लॉक में एक बार “ऑल इंडिया LTC” ले सकते हैं, कुछ शर्तों के साथ (नीचे देखें)।
आदेश एक नजर में
आदेश | कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (कार्मिक नीति प्रभाग) का कार्यालय ज्ञापन, F.No. 31011/15/2022-Estt.A-IV |
तारीख | 9 सितंबर 2026 |
विषय | CCS (LTC) नियम 1988: पूर्वोत्तर क्षेत्र, J&K, लद्दाख और अंडमान-निकोबार की हवाई यात्रा की छूट, 25.09.2026 के बाद दो साल के लिए बढ़ाना |
हस्ताक्षर | रोहित कुमार, अवर सचिव, भारत सरकार |
पिछला विस्तार | DoPT का OM 31011/15/2022-Estt.A-IV दिनांक 17.09.2024 (26.09.2024 से 25.09.2026 तक) |
कहाँ से परिपत्रित | दूरसंचार विभाग का परिपत्र संख्या 260, दिनांक 10.09.2026, जिसमें यह OM अग्रेषित किया गया है |
शर्तें: स्पेशल डिस्पेंसेशन स्कीम
OM के पैरा 2 के अनुसार यह सुविधा इन शर्तों पर है:
सभी पात्र सरकारी कर्मचारी चार साल के ब्लॉक में अपना एक होम टाउन LTC बदलकर पूर्वोत्तर, अंडमान-निकोबार, J&K या लद्दाख की यात्रा कर सकते हैं।
जिनका होम टाउन और मुख्यालय/पोस्टिंग की जगह एक ही है, उन्हें होम टाउन LTC की सुविधा नहीं है, इसलिए उसे बदलने का सवाल नहीं उठता।
जिन कर्मचारियों का होम टाउन इन्हीं चार क्षेत्रों में से किसी में है, वे अपना होम टाउन LTC बदलकर बाकी तीन क्षेत्रों में से किसी भी एक में यात्रा कर सकते हैं, अपने होम टाउन वाले क्षेत्र को छोड़कर।
नए भर्ती हुए कर्मचारी चार साल के ब्लॉक में अपने तीन होम टाउन LTC में से एक को इस योजना में बदल सकते हैं। इसके अलावा उन्हें J&K या लद्दाख जाने के लिए एक और होम टाउन LTC बदलने की अनुमति है।
जिन्हें हवाई यात्रा का हक है, वे अपने मुख्यालय से अपनी पात्र क्लास में किसी भी एयरलाइन से यात्रा कर सकते हैं (29.08.2022 और 20.10.2023 के OM की शर्तों के अनुसार)।
हवाई यात्रा की यह सुविधा चाहे आप “ऑल इंडिया LTC” के तहत लें या होम टाउन LTC के बदले, दोनों में मिलती है, जैसा नियमों में अनुमति हो।
जिन्हें हवाई यात्रा का हक नहीं है, उनके लिए रास्ते
इलाका | इन शहरों के बीच इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा की अनुमति |
|---|---|
पूर्वोत्तर क्षेत्र (NER) | कोलकाता/गुवाहाटी और पूर्वोत्तर के किसी भी स्थान के बीच |
अंडमान-निकोबार | कोलकाता/चेन्नई/विशाखापट्टनम और पोर्ट ब्लेयर के बीच |
J&K और लद्दाख | दिल्ली/अमृतसर और J&K/लद्दाख के किसी भी स्थान के बीच |
इन कर्मचारियों को अपने मुख्यालय से कोलकाता/गुवाहाटी/चेन्नई/विशाखापट्टनम/दिल्ली/अमृतसर तक की यात्रा अपने हक के अनुसार करनी होगी।
OM के पैरा 2(viii) के अनुसार ये कर्मचारी अपने मुख्यालय से सीधे भी पूर्वोत्तर/अंडमान-निकोबार/J&K/लद्दाख के किसी स्थान तक इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा कर सकते हैं, पर खर्च की वापसी 29.08.2022 के OM की शर्तों के अनुसार होगी (नीचे तालिका)।
ऊपर की तालिका में दिए रास्ते उन कर्मचारियों के लिए रियायत हैं जिन्हें LTC में हवाई यात्रा का हक नहीं है। जिन्हें हक है, उन पर ये रास्ते लागू नहीं होते; वे अपने मुख्यालय से अपनी पात्र क्लास में जा सकते हैं।
तीन अलग बातें: हक, रास्ता और खर्च की वापसी की सीमा
बात | इसका मतलब |
|---|---|
1. हवाई यात्रा का हक (entitlement) | LTC में कर्मचारी को हवाई यात्रा का हक है या नहीं। गाइडलाइंस के अनुसार LTC का हक वित्त मंत्रालय के 13.07.2017 के OM में TA के लिए तय हक के जैसा है, सिवाय इसके कि लेवल 6 से 8 का हवाई यात्रा का हक सिर्फ TA में है, LTC में नहीं। वह OM हमने नहीं देखा |
2. अनुमत रास्ता (route) | जिन्हें हक नहीं है, उनके लिए इस योजना में ऊपर की तालिका के रास्ते (और मुख्यालय से सीधे यात्रा) की अनुमति है। यह सिर्फ यात्रा की अनुमति है, खर्च की गारंटी नहीं |
3. खर्च की वापसी की सीमा (reimbursement limit), 29.08.2022 के OM के अनुसार | (क) जिन्हें हक नहीं है और जो योजना में सीधे मुख्यालय से गंतव्य तक हवाई यात्रा करते हैं: सीधी यात्रा का असल हवाई किराया या योजना के तहत हक वाला किराया, जो कम हो। (ख) जिन्हें हक नहीं है और जो योजना के बाहर हवाई यात्रा करते हैं: असल हवाई किराया या हक वाला रेल/बस किराया (सबसे छोटे रास्ते का), जो कम हो। योजना के तहत “हक वाला किराया” ठीक क्या होगा, यह OM में अलग से परिभाषित नहीं है |
हवाई टिकट बुक करने के नियम
ये नियम 29.08.2022 और 20.10.2023 के OM में हैं, जिन्हें 09.09.2026 के OM के साथ संलग्न किया गया है और जो इस योजना पर भी लागू होते हैं:
LTC के लिए हवाई टिकट सिर्फ तीन अधिकृत ट्रैवल एजेंटों से बुक किए जाएँ: बालमर लॉरी एंड कंपनी (BLCL), अशोक ट्रैवल्स एंड टूर्स (ATT) और IRCTC। इन एजेंटों को कोई सेवा शुल्क या सुविधा शुल्क नहीं मिलेगा।
जिन कर्मचारियों को हवाई यात्रा का हक नहीं है, पर वे स्पेशल डिस्पेंसेशन स्कीम में हवाई यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें भी टिकट इन्हीं तीन एजेंटों से बुक करने होंगे (समेकित गाइडलाइंस के अनुसार)।
कर्मचारी को अपनी पात्र क्लास में “बेस्ट अवेलेबल फेयर”, यानी उपलब्ध सबसे सस्ता किराया, चुनना होता है, हो सके तो नॉन-स्टॉप उड़ान।
वांछित 3 घंटे के स्लॉट में सबसे सस्ती उड़ान या उससे 10 प्रतिशत तक महँगी उड़ानों में से चुनाव की गुंजाइश है, सुविधा और आराम के लिए (29.08.2022 का OM)।
सबसे अच्छे किराये के लिए यात्रा से कम से कम 21 दिन पहले टिकट बुक करने को प्रोत्साहित किया गया है।
एडवांस: जिन्हें हवाई यात्रा का हक है, वे कम से कम 30 दिन पहले उड़ान और किराये के वेबपेज के प्रिंट-आउट के साथ LTC एडवांस माँग सकते हैं। जिन्हें हक नहीं है और जो योजना में हवाई यात्रा करेंगे, वे मुख्यालय से कोलकाता/गुवाहाटी/चेन्नई/विशाखापट्टनम/दिल्ली/अमृतसर तक का रेल/बस किराया और वहाँ के रेलहेड से गंतव्य तक का हवाई किराया जोड़कर एडवांस माँग सकते हैं (29.08.2022 का OM)।
29.08.2022 के OM में यह भी लिखा है: हर चरण की यात्रा के लिए एक ही टिकट बुक करें, एक से ज्यादा टिकट रखना मान्य नहीं; सरकारी खर्च की यात्रा पर मिलने वाले माइलेज पॉइंट नहीं बनेंगे; और अनावश्यक रद्दीकरण से बचें, 24 घंटे से कम समय में रद्द करने पर कर्मचारी को अपनी तरफ से लिखित कारण देना होगा।
20.10.2023 के OM के अनुसार तीनों एजेंटों के पोर्टल पर बुकिंग खुद इस बात का प्रमाण होगी कि टिकट सबसे सस्ते किराये का था। टिकट पर “LTC” शब्द दिखाया जाएगा।
जो गैर-पात्र कर्मचारी स्पेशल डिस्पेंसेशन स्कीम में अपने मुख्यालय से सीधे गंतव्य तक हवाई यात्रा करते हैं, उन्हें संबंधित उड़ान का वेबपेज प्रिंट-आउट रखना होगा, जिसमें कोलकाता/गुवाहाटी/दिल्ली/अमृतसर/चेन्नई/विशाखापट्टनम से गंतव्य तक की उसी स्लॉट की उड़ान का ब्योरा हो।
टिकट रद्द होने पर एयरलाइन और अधिकृत एजेंट के रद्दीकरण शुल्क सिर्फ आधिकारिक कारणों (official exigencies) पर वापस मिलेंगे (OM 10.08.2023)। बाकी मामलों में रद्दीकरण शुल्क कर्मचारी को खुद देना होगा।
OM के पैरा 3 में चेतावनी भी है कि LTC का दुरुपयोग गंभीरता से लिया जाएगा, और विभागों से कहा गया है कि वे कुछ हवाई टिकट एयरलाइन से मिलाकर देखें कि असल खर्च क्या था।
LTC की बुनियादी बातें (DoPT की गाइडलाइंस 03.09.2025 के अनुसार)
बात | नियम |
|---|---|
किसे LTC मिलती है | सिविल सेवाओं और पदों पर नियुक्त कर्मचारी (रक्षा सेवाओं के असैनिक कर्मचारी सहित), राज्य सरकार से प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारी, संविदा पर नियुक्त और सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्त कर्मचारी |
किसे नहीं मिलती | अंशकालिक कर्मचारी, आकस्मिक और दैनिक वेतन वाले, आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले, रेलवे कर्मचारी, सशस्त्र बलों के सदस्य, भारतीय मिशनों के स्थानीय भर्ती, और वे जिन्हें छुट्टी के दौरान कोई दूसरी यात्रा रियायत मिलती है |
होम टाउन LTC | दूरी की परवाह किए बिना, दो कैलेंडर वर्षों के ब्लॉक में एक बार |
किसी भी जगह (ऑल इंडिया) LTC | दूरी की परवाह किए बिना, चार कैलेंडर वर्षों के ब्लॉक में एक बार। यह उस समय उपलब्ध होम टाउन LTC के बदले गिना जाता है |
परिवार | पति/पत्नी और दो जीवित अविवाहित बच्चे/सौतेले बच्चे जो पूरी तरह निर्भर हों; कुछ शर्तों पर तलाकशुदा/परित्यक्त/विधवा बेटियाँ; पूरी तरह निर्भर माता-पिता; और कुछ शर्तों पर निर्भर भाई-बहन। दो बच्चों की सीमा के अपवाद गाइडलाइंस में दिए गए हैं (जैसे 20.10.1997 से पहले दो से ज्यादा बच्चे वाले, और जुड़वाँ/एकाधिक जन्म) |
छुट्टी | LTC किसी भी तरह की छुट्टी में मिलती है, आकस्मिक अवकाश और विशेष आकस्मिक अवकाश सहित। बिना छुट्टी के सप्ताहांत की छुट्टी में की गई यात्रा पर नहीं |
आगे ले जाना | किसी ब्लॉक में LTC न ली जा सके तो अगले ब्लॉक के पहले साल में ली जा सकती है |
एडवांस | अनुमानित खर्च का चार-पाँचवाँ हिस्सा। यात्रा 30 दिन के भीतर शुरू न हो तो पूरा एडवांस लौटाना होगा। आगे के टिकट 10 दिन के भीतर दिखाने होते हैं |
दावा जमा करना | एडवांस न लिया हो तो वापसी यात्रा पूरी होने के 3 महीने के भीतर (वित्त सलाहकार की सहमति से विभाग 6 महीने तक स्वीकार कर सकता है)। एडवांस लिया हो तो वापसी के एक महीने के भीतर, वरना पूरी रकम एकमुश्त लौटानी होगी |
छुट्टी का नकदीकरण | LTC के साथ 10 दिन तक अर्जित अवकाश का नकदीकरण (CCS Leave Rules 1972 के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए) |
प्रोसेसिंग की समय-सीमा | छुट्टी की मंजूरी, एडवांस की मंजूरी, प्रशासन द्वारा बिल की जाँच, DDO और PAO के लिए अलग-अलग कार्य-दिवस की सीमा तय है (गाइडलाइंस की तालिका में) |
यात्रा के हक (travel entitlement) के बारे में गाइडलाइंस कहती हैं कि LTC के लिए हक वही है जो वित्त मंत्रालय के 13.07.2017 के OM में TA के लिए तय है, सिवाय इसके कि पे मैट्रिक्स के लेवल 6 से 8 के कर्मचारियों का हवाई यात्रा का हक सिर्फ TA में है, LTC में नहीं। वह OM हमने नहीं देखा, इसलिए आपको हवाई यात्रा का हक है या नहीं, यह अपने कार्यालय से पुष्टि करें।
रेलवे कर्मचारियों के लिए खास बात
DoPT की गाइडलाइंस के अनुसार रेलवे कर्मचारी CCS (LTC) नियमों के दायरे से बाहर हैं (नियम 1(4))।
उसी में फुटनोट है कि रेलवे कर्मचारी CCS (LTC) नियम 1988 के तहत कुछ शर्तों के साथ चार साल के ब्लॉक में एक बार “ऑल इंडिया LTC” ले सकते हैं।
रेलवे के “ऑल इंडिया LTC” की यह सुविधा अलग है; इससे अपने आप सिद्ध नहीं होता कि DoPT की यह विशेष हवाई छूट रेलवे कर्मचारियों पर भी लागू है।
वह कौन-सी शर्तें हैं और रेलवे में इसे किस आदेश से कैसे लागू किया गया है, यह हमारे पास मौजूद दस्तावेजों में नहीं है। इसलिए रेलवे कर्मचारी इस पोस्ट की हवाई यात्रा की छूट अपने मामले में लागू मानने से पहले अपने कार्यालय की स्थापना/कल्याण शाखा से लिखित में पूछें।
गाइडलाइंस में यह भी लिखा है कि रेलवे में काम करने वाले कर्मचारी के जीवनसाथी को, उस कर्मचारी की ऑल इंडिया LTC पर 10 दिन तक छुट्टी नकदीकरण की अनुमति दी जा सकती है।
रेलवे कर्मचारियों के लिए विशेष स्पष्टीकरण: यह DoPT का आदेश CCS (LTC) Rules, 1988 के अंतर्गत जारी किया गया है। रेलवे कर्मचारी इन नियमों के सामान्य दायरे से बाहर हैं। हमारी सलाह है कि रेलवे कर्मचारी इस विशेष हवाई यात्रा छूट का लाभ स्वतः उपलब्ध मानकर टिकट बुक न करें। पहले संबंधित रेलवे बोर्ड के आदेश अथवा अपनी स्थापना शाखा से लिखित पुष्टि प्राप्त करें।
मौजूदा LTC ब्लॉक कौन-सा है?
ध्यान दें: 2026-2029 कोई आधिकारिक रूप से अधिसूचित ब्लॉक नहीं है; यह हमारा अनुमान है।
03.09.2025 की DoPT गाइडलाइंस में अब भी लिखा है कि मौजूदा चार साल का ब्लॉक 2022-2025 है, जिसमें दो साल के ब्लॉक 2022-2023 और 2024-2025 हैं। यह वाक्य 2024 की गाइडलाइंस से वैसा ही चला आ रहा है।
2026 के बाद का ब्लॉक किस आदेश में बताया गया है, यह हमारे पास मौजूद दस्तावेजों में नहीं है।
नियम 8 में चार साल के ब्लॉक का ढर्रा “1986-89, 1990-93” इस तरह दिया है, और दो साल के ब्लॉक “1986-87, 1988-89”। इस ढर्रे से अगला ब्लॉक 2026-2029 निकलता है, और होम टाउन के ब्लॉक 2026-27 और 2028-29। यह हमारा निष्कर्ष है, किसी आदेश में लिखी बात नहीं। अपने कार्यालय से अपने ब्लॉक की पुष्टि करें।
क्या साफ नहीं है
09.09.2026 का OM यह नहीं बताता कि पुराने (25.09.2026 से पहले शुरू हुए) टिकट या दावों पर क्या होगा। यह सिर्फ 26.09.2026 से 25.09.2028 के लिए अवधि बढ़ाता है।
OM में LTC के ब्लॉक की तारीखें नहीं हैं, और यह नहीं बताया गया कि 2026 के ब्लॉक में कौन-सी अवधि गिनी जाएगी।
रेलवे कर्मचारियों पर यह OM कैसे लागू होगा, इसके बारे में हमारे पास रेलवे बोर्ड का कोई आदेश नहीं है।
“हवाई यात्रा का हक” किस पे लेवल से शुरू होता है, यह इन दस्तावेजों में नहीं है; वह वित्त मंत्रालय के 13.07.2017 के OM में है, जो हमने नहीं देखा।
कर्मचारियों के लिए सुझाव (हमारा सुझाव, नियम नहीं)
यात्रा तय करने से पहले अपने कार्यालय से पुष्टि करें कि आपका LTC ब्लॉक कौन-सा है और आपके पास कौन-सा LTC बाकी है।
हवाई टिकट बुक करने से पहले देख लें कि आपको हवाई यात्रा का हक है या आप स्पेशल डिस्पेंसेशन स्कीम के तहत जा रहे हैं, और उसी के अनुसार बुकिंग करें।
टिकट अधिकृत एजेंट के पोर्टल से ही लें, और बुकिंग का पेज, बोर्डिंग पास और भुगतान की रसीद सँभालकर रखें।
दावे की समय-सीमा याद रखें: एडवांस के बिना 3 महीने, एडवांस के साथ 1 महीना।
यात्रा शुरू करने से पहले कंट्रोलिंग ऑफिसर को सूचित करें और अपनी घोषित जगह की जानकारी पहले से दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
LTC में हवाई यात्रा की यह छूट कब तक है?
DoPT के 09.09.2026 के OM के अनुसार 26 सितंबर 2026 से 25 सितंबर 2028 तक।
किन इलाकों के लिए है?
पूर्वोत्तर क्षेत्र, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।
क्या इसके लिए होम टाउन LTC छोड़ना पड़ता है?
OM के अनुसार इस योजना में कर्मचारी चार साल के ब्लॉक में अपना एक होम टाउन LTC बदलकर इन इलाकों की यात्रा कर सकता है। जिनका होम टाउन और मुख्यालय एक ही है, उन्हें होम टाउन LTC नहीं मिलता, इसलिए वह बदलने को नहीं है।
जिन्हें LTC में हवाई यात्रा का हक नहीं है, वे भी हवाई यात्रा कर सकते हैं?
हाँ, कुछ तय रास्तों पर इकोनॉमी क्लास में: कोलकाता/गुवाहाटी और पूर्वोत्तर के बीच, कोलकाता/चेन्नई/विशाखापट्टनम और पोर्ट ब्लेयर के बीच, दिल्ली/अमृतसर और J&K/लद्दाख के बीच। मुख्यालय से सीधे भी जा सकते हैं, पर खर्च की वापसी 29.08.2022 के OM की शर्तों के अनुसार होगी।
टिकट कहाँ से बुक करें?
तीन अधिकृत ट्रैवल एजेंटों से: बालमर लॉरी, अशोक ट्रैवल्स एंड टूर्स और IRCTC।
क्या सबसे सस्ता टिकट लेना जरूरी है?
OM के अनुसार कर्मचारी को अपनी क्लास में सबसे सस्ता उपलब्ध किराया चुनना होता है, पर 3 घंटे के स्लॉट में सबसे सस्ती उड़ान से 10 प्रतिशत तक महँगी उड़ान में सुविधा के लिए चुनाव की गुंजाइश है।
क्या रेलवे कर्मचारियों को भी यह सुविधा मिलेगी?
DoPT की गाइडलाइंस के अनुसार रेलवे कर्मचारी CCS (LTC) नियमों से बाहर हैं, पर वे कुछ शर्तों के साथ चार साल के ब्लॉक में एक बार ऑल इंडिया LTC ले सकते हैं। इस हवाई छूट के रेलवे में लागू होने की स्थिति के लिए अपने कार्यालय से लिखित पुष्टि करें।
LTC का दावा कब तक जमा करना होता है?
एडवांस न लिया हो तो वापसी यात्रा पूरी होने के 3 महीने के भीतर, और एडवांस लिया हो तो एक महीने के भीतर।
इस लेख के स्रोत: DoPT का कार्यालय ज्ञापन F.No. 31011/15/2022-Estt.A-IV, दिनांक 09.09.2026 (दूरसंचार विभाग के परिपत्र संख्या 260, दिनांक 10.09.2026 के साथ अग्रेषित); DoPT के OM F.No. 31011/12/2022-Estt.A-IV दिनांक 29.08.2022 और F.No. 31011/11/2023-Pers. Policy A-IV दिनांक 20.10.2023 (संलग्न); DoPT की LTC पर गाइडलाइंस, दिनांक 03.09.2025 (संख्या DOPT-1752820096240)।
यह जानकारी DoPT के आदेशों पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। तालिकाएँ और सुझाव हमारे हैं, आदेश का हिस्सा नहीं। गाइडलाइंस में भी लिखा है कि किसी विरोधाभास की स्थिति में संबंधित OM/आदेश मान्य होंगे। अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और लागू नियमों पर निर्भर है। अपनी स्थापना शाखा से पुष्टि जरूर करें।
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