
रेल कर्मचारियों का ट्रांसफर: कितने तरह के होते हैं और क्या नियम हैं
Railway Employee Transfer Rules: आसान भाषा में गाइड
अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
रेलवे में काम करने वाले हर कर्मचारी के लिए ट्रांसफर बड़ी बात होती है। कभी रेलवे अपनी जरूरत से ट्रांसफर करती है, और कभी कर्मचारी खुद अपनी मर्जी से ट्रांसफर मांगता है। इस गाइड में आसान भाषा में बताया गया है कि ट्रांसफर कितने तरह के होते हैं, कौन-से नियम लागू होते हैं और आवेदन करते समय किन बातों का ध्यान रखें।
ट्रांसफर के मुख्य प्रकार
| प्रकार | मतलब | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| रेलवे की जरूरत से (प्रशासनिक) | रेलवे अपनी जरूरत या जनहित में खुद ट्रांसफर करती है | नई जगह जाने के लिए ज्वाइनिंग टाइम और TA के नियम लागू होते हैं |
| अपनी मर्जी से (रिक्वेस्ट) | कर्मचारी खुद आवेदन देकर ट्रांसफर मांगता है | यूनिट बदलने पर सीनियरिटी पर असर पड़ सकता है |
| आपसी (म्यूचुअल) | दो कर्मचारी आपस में जगह बदल लेते हैं | RBE 08/2019 की नीति लागू होती है |
| समय-समय पर (पीरियोडिकल) | संवेदनशील पदों पर तय समय बाद ट्रांसफर | गैर-राजपत्रित स्टाफ के लिए आम तौर पर 4 साल |
| पति-पत्नी के आधार पर | पति या पत्नी की पोस्टिंग वाली जगह पर ट्रांसफर | एक ही स्टेशन या उसके पास भेजने की कोशिश की जाती है |
1. अपनी मर्जी से ट्रांसफर (रिक्वेस्ट ट्रांसफर)
- अगर आप उसी सीनियरिटी यूनिट में ही ट्रांसफर लेते हैं, तो आपकी सीनियरिटी नहीं जाती।
- अगर आप दूसरी सीनियरिटी यूनिट में जाते हैं, तो आपको नई यूनिट में सबसे नीचे की सीनियरिटी मिलती है, चाहे आपकी सर्विस कितनी भी हो।
- पति-पत्नी दोनों रेलवे में हों, तो उन्हें एक ही स्टेशन पर या पास-पास पोस्टिंग देने की कोशिश की जाती है।
- रिक्वेस्ट ट्रांसफर के बाकी नियम और हर चरण की समय-सीमा रेलवे बोर्ड के मास्टर सर्कुलर नंबर 24 में दी गई है। आवेदन से पहले उसे पढ़ लें।
2. आपसी (म्यूचुअल) ट्रांसफर
- इसमें दो कर्मचारी आपस में जगह बदलते हैं। नियम रेलवे बोर्ड की नीति RBE 08/2019 में हैं।
- कोई भी रेलवे कर्मचारी दूसरी रेलवे, डिवीजन या यूनिट के उसी ग्रेड के कर्मचारी के साथ जगह बदलने के लिए आवेदन कर सकता है। अलग या ऊँचे ग्रेड वाले को अपनी मर्जी से नीचे के पद पर जाना मंजूर करना होता है।
- मंजूरी कौन देता है: डिवीजन के पदों के लिए DRM, वर्कशॉप के पदों के लिए CWM, और हेडक्वार्टर के पदों के लिए GM (या उनका अधिकृत अफसर)।
- लेवल-1 के कर्मचारी अलग-अलग कैडर या विभाग में भी आपस में जगह बदल सकते हैं (RBE 99/2018)। RBE 67/2025 में साफ किया गया कि जहां रेलवे या डिवीजन नहीं बदलती, वहां भी ऐसा आवेदन देखा जाएगा।
- आवेदन अपने संबंधित पर्सनल ऑफिसर के जरिए दें, सीधे दूसरे डिवीजन को नहीं (RBE 131/2017)।
3. संवेदनशील पदों पर समय-समय पर ट्रांसफर
- जिन पदों पर जनता या ठेकेदारों से ज्यादा संपर्क रहता है, उन्हें संवेदनशील पद कहा जाता है। इन पर गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को आम तौर पर हर 4 साल में दूसरी जगह भेजा जाता है।
- रेलवे बोर्ड के RBE 53/2026 (1 जुलाई 2026) के अनुसार, मेडिकल विभाग में चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर और हेल्थ इंस्पेक्टर के पद भी अब संवेदनशील पदों की सूची में जोड़े गए हैं।
4. ट्रांसफर के बाद: ज्वाइनिंग टाइम और TA
- रेलवे कर्मचारियों पर सामान्य सरकारी कर्मचारियों वाले CCS (ज्वाइनिंग टाइम) नियम 1979 लागू नहीं होते। इनके नियम इंडियन रेलवे एस्टैब्लिशमेंट कोड के अध्याय 11 में हैं।
- अगर ट्रांसफर अस्थायी है और 180 दिन तक का है, तो ज्वाइनिंग टाइम नहीं मिलता, सिर्फ रास्ते में लगा समय मिलता है।
- ट्रांसफर पर TA के नियम इसी कोड के अध्याय 16 में हैं। कितना पैसा या छुट्टी मिलेगी, यह अपने पर्सनल या अकाउंट्स ब्रांच से जरूर पूछ लें।
आवेदन करते समय ये बातें याद रखें
- आवेदन लिखित में, सही रास्ते (प्रॉपर चैनल) से दें और उसकी रसीद या डायरी नंबर संभालकर रखें।
- कारण के कागज लगाएं: पति या पत्नी का पोस्टिंग लेटर, मेडिकल कागज या बच्चों की पढ़ाई के प्रमाण।
- पहले समझ लें कि नई जगह जाने पर आपकी सीनियरिटी का क्या होगा।
- व्हाट्सऐप की बातों पर भरोसा न करें। हमेशा सर्कुलर का नंबर और तारीख देखें, और जरूरत हो तो यूनियन या वेलफेयर इंस्पेक्टर से मदद लें।
इस गाइड में इस्तेमाल हुए सर्कुलर
- रेलवे बोर्ड, मास्टर सर्कुलर नंबर 24: गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों का ट्रांसफर
- RBE 08/2019: म्यूचुअल ट्रांसफर की व्यापक नीति
- RBE 99/2018 और RBE 67/2025: लेवल-1 कर्मचारियों का म्यूचुअल ट्रांसफर
- RBE 131/2017: म्यूचुअल ट्रांसफर के आवेदन
- RBE 53/2026 (1 जुलाई 2026): पीरियोडिकल ट्रांसफर के लिए संवेदनशील पदों की सूची
- इंडियन रेलवे एस्टैब्लिशमेंट कोड, अध्याय 11 (ज्वाइनिंग टाइम) और अध्याय 16 (TA)
असली सर्कुलर रेलवे बोर्ड की वेबसाइट (indianrailways.gov.in) पर नंबर डालकर खोजें और खुद पढ़ लें।
यह जानकारी रेलवे बोर्ड के सर्कुलरों पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। नियम बदलते रहते हैं और अलग-अलग रेलवे में पालन थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने पर्सनल ब्रांच या नवीनतम रेलवे बोर्ड सर्कुलर से जरूर पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रिक्वेस्ट ट्रांसफर में मेरी सीनियरिटी का क्या होता है?
अगर आप उसी सीनियरिटी यूनिट में ट्रांसफर लेते हैं, तो आपकी सीनियरिटी नहीं जाती। अगर आप दूसरी सीनियरिटी यूनिट में जाते हैं, तो नई यूनिट में आपको सबसे नीचे की सीनियरिटी मिलती है। यह रेलवे बोर्ड के मास्टर सर्कुलर 24 में है।
म्यूचुअल (आपसी) ट्रांसफर के लिए किसकी मंजूरी चाहिए?
डिवीजन के पदों के लिए DRM, वर्कशॉप के पदों के लिए CWM, और हेडक्वार्टर के पदों के लिए GM या उनका अधिकृत अफसर। नियम RBE 08/2019 में हैं।
क्या लेवल-1 के कर्मचारी दूसरे कैडर या विभाग के कर्मचारी से जगह बदल सकते हैं?
हाँ। RBE 99/2018 के अनुसार लेवल-1 के कर्मचारी अलग-अलग कैडर या विभाग में भी आपस में जगह बदल सकते हैं।
संवेदनशील पदों पर कितने साल बाद ट्रांसफर होता है?
गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को संवेदनशील पदों पर आम तौर पर हर 4 साल में दूसरी जगह भेजा जाता है। RBE 53/2026 में मेडिकल विभाग के चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर और हेल्थ इंस्पेक्टर के पद भी इस सूची में जोड़े गए हैं।
क्या रेलवे कर्मचारियों पर सरकारी ज्वाइनिंग टाइम नियम (CCS 1979) लागू होते हैं?
नहीं। रेलवे कर्मचारियों के लिए ज्वाइनिंग टाइम के नियम इंडियन रेलवे एस्टैब्लिशमेंट कोड के अध्याय 11 में हैं। 180 दिन तक के अस्थायी ट्रांसफर में सिर्फ रास्ते का समय मिलता है, ज्वाइनिंग टाइम नहीं।





