
रेलवे बोर्ड का महंगाई भत्ते (DA 63%) पर आदेश: नियम 1303 को समझना क्यों जरूरी है, जानिए
- Date of Posting
- 31 October 2026
रेलवे बोर्ड ने 30 अक्टूबर 2026 को आदेश RBE 91/2026 जारी करके रेल कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 60% से बढ़ाकर 63% कर दिया है। यह दर 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। यह पोस्ट आदेश के पाठ पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि आदेश में क्या लिखा है और क्या नहीं लिखा है।
आदेश एक नजर में
आदेश | RBE No. 91/2026, फाइल नं. PC-VII/2016/1/7/2/1 (PC-VII सं. 236) |
तारीख | 30 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली |
विषय | रेलवे कर्मचारियों को 01.07.2026 से प्रभावी संशोधित दरों पर महंगाई भत्ता प्रदान करना |
पुरानी दर | 60% मूल वेतन का |
नई दर | 63% मूल वेतन का |
कब से | 1 जुलाई 2026 |
किसे भेजा गया | महाप्रबंधक और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (आर), सभी भारतीय रेलें और उत्पादन इकाइयाँ |
पिछला आदेश | RBE 34/2026 दिनांक 24.04.2026 |
आदेश के पाँच बिंदु, आसान भाषा में
1. नई दर: राष्ट्रपति ने तय किया है कि रेल कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता मूल वेतन के 60% से बढ़ाकर 63% किया जाए। यह 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है।
2. “मूल वेतन” का मतलब: नई वेतन संरचना में “मूल वेतन” यानी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार पे मैट्रिक्स के तय लेवल में मिलने वाला वेतन। इसमें विशेष वेतन (स्पेशल पे) जैसा कोई दूसरा वेतन शामिल नहीं है। यानी DA सिर्फ पे मैट्रिक्स वाले मूल वेतन पर बनता है।
3. DA अलग हिस्सा रहेगा: महंगाई भत्ता वेतन का अलग हिस्सा बना रहेगा। इसे रेलवे स्थापना संहिता, खंड-II के नियम 1303 (FR 9(21)) के दायरे में “वेतन” नहीं माना जाएगा।
4. पैसे का राउंड-ऑफ: DA की रकम में अगर 50 पैसे या उससे ज्यादा हों तो उसे अगले ऊँचे रुपये में गिना जाएगा। 50 पैसे से कम हो तो उसे छोड़ दिया जाएगा।
5. मंजूरी: यह आदेश रेल मंत्रालय के वित्त निदेशालय की सहमति से जारी किया गया है।
आदेश में क्या नहीं लिखा है
बकाया (एरियर) के महीने और भुगतान की तारीख। आदेश सिर्फ यह बताता है कि DA 1 जुलाई 2026 से 63% है। यह नहीं बताता कि बढ़े हुए DA का पैसा किस महीने की सैलरी में जुड़ेगा। यह अकाउंट्स ब्रांच और पेरोल (वेतन बनाने की व्यवस्था) पर निर्भर करेगा।
पेंशनरों की महंगाई राहत (DR)। आदेश रेल कर्मचारियों के DA का है। इसमें पेंशनरों की DR का जिक्र नहीं है।
आपके बकाए का अंदाज कैसे लगाएँ
DA की दर 3% बढ़ी है, इसलिए हर महीने का अतिरिक्त DA आपके मूल वेतन का 3% होगा। इसे महीनों की संख्या से गुणा करें।
हर पे लेवल की शुरुआती बेसिक पर नया DA और बकाया
पे लेवल | शुरुआती मूल वेतन | 63% DA (हर महीने) | हर महीने अतिरिक्त DA (3%) | 4 महीने (जुलाई-अक्टूबर) | 5 महीने (जुलाई-नवंबर) |
|---|---|---|---|---|---|
L1 | ₹18,000 | ₹11,340 | ₹540 | ₹2,160 | ₹2,700 |
L2 | ₹19,900 | ₹12,537 | ₹597 | ₹2,388 | ₹2,985 |
L3 | ₹21,700 | ₹13,671 | ₹651 | ₹2,604 | ₹3,255 |
L4 | ₹25,500 | ₹16,065 | ₹765 | ₹3,060 | ₹3,825 |
L5 | ₹29,200 | ₹18,396 | ₹876 | ₹3,504 | ₹4,380 |
L6 | ₹35,400 | ₹22,302 | ₹1,062 | ₹4,248 | ₹5,310 |
L7 | ₹44,900 | ₹28,287 | ₹1,347 | ₹5,388 | ₹6,735 |
L8 | ₹47,600 | ₹29,988 | ₹1,428 | ₹5,712 | ₹7,140 |
L9 | ₹53,100 | ₹33,453 | ₹1,593 | ₹6,372 | ₹7,965 |
L10 | ₹56,100 | ₹35,343 | ₹1,683 | ₹6,732 | ₹8,415 |
L11 | ₹67,700 | ₹42,651 | ₹2,031 | ₹8,124 | ₹10,155 |
L12 | ₹78,800 | ₹49,644 | ₹2,364 | ₹9,456 | ₹11,820 |
L13 | ₹1,23,100 | ₹77,553 | ₹3,693 | ₹14,772 | ₹18,465 |
L13A | ₹1,31,100 | ₹82,593 | ₹3,933 | ₹15,732 | ₹19,665 |
L14 | ₹1,44,200 | ₹90,846 | ₹4,326 | ₹17,304 | ₹21,630 |
L15 | ₹1,82,200 | ₹1,14,786 | ₹5,466 | ₹21,864 | ₹27,330 |
L16 | ₹2,05,400 | ₹1,29,402 | ₹6,162 | ₹24,648 | ₹30,810 |
L17 | ₹2,25,000 | ₹1,41,750 | ₹6,750 | ₹27,000 | ₹33,750 |
L18 | ₹2,50,000 | ₹1,57,500 | ₹7,500 | ₹30,000 | ₹37,500 |
यह तालिका सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स के हर लेवल की पहली (शुरुआती) बेसिक पर बनी है। पे मैट्रिक्स की इन बेसिक पे का मिलान राजपत्र की अधिसूचना (CCS संशोधित वेतन नियम, 2016) से कर लें। अगर आपकी बेसिक पे आपके लेवल की शुरुआती बेसिक से ज्यादा है, तो अपनी बेसिक पे को 63 से गुणा करके 100 से भाग दें। अतिरिक्त DA निकालने के लिए 3 से गुणा करके 100 से भाग दें।
कितने महीनों का बकाया बनेगा, यह इस पर निर्भर है कि नई दर किस महीने की सैलरी से जुड़ती है। अकाउंट्स ब्रांच से पूछकर महीने तय कर लें। अपने मूल वेतन के हिसाब से निकालने के लिए हमारे DA पेज का एरियर कैलकुलेटर इस्तेमाल करें। अगर आपका मूल वेतन इन महीनों में बदला है, जैसे 1 जुलाई की वेतन-वृद्धि से, तो हर अवधि अलग से निकालें।
नियम 1303 पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नियम 1303 (FR 9(21)) क्या है?
यह रेलवे स्थापना संहिता (IREC) खंड-II का नियम है, जिसमें “वेतन (pay)” की परिभाषा दी गई है। यानी रेलवे के नियमों में “वेतन” शब्द में क्या-क्या गिना जाएगा, यह इसी नियम से तय होता है। यह नियम मूल सरकारी Fundamental Rules के FR 9(21)(a) के अनुसार है।
RBE 91/2026 में DA के बारे में नियम 1303 को लेकर क्या लिखा है?
आदेश के पैरा 3 में लिखा है कि महंगाई भत्ता वेतन का अलग हिस्सा बना रहेगा और इसे नियम 1303 (FR 9(21)) के दायरे में “वेतन” नहीं माना जाएगा।
क्या यह कोई नई बात है?
नहीं। रिपोर्टों के अनुसार, पहले के DA आदेशों में भी, जैसे RBE 37/2019 और RBE 108/2025 में, यही बात इसी भाषा में लिखी गई थी। यानी DA को “वेतन” से अलग रखने की व्यवस्था पुरानी है।
DA जिस “मूल वेतन” पर बनता है, उसमें क्या गिना जाता है?
आदेश के पैरा 2 के अनुसार, मूल वेतन यानी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार पे मैट्रिक्स के तय लेवल में मिलने वाला वेतन। इसमें विशेष वेतन (स्पेशल पे) जैसा कोई दूसरा वेतन शामिल नहीं है।
क्या DA अब मूल वेतन में मिला दिया गया है?
नहीं। आदेश DA को मूल वेतन में मिलाने की कोई बात नहीं करता। DA अलग से, मूल वेतन के 63% की दर से मिलेगा।
रनिंग स्टाफ के लिए क्या अलग है?
रनिंग स्टाफ के लिए DA की गणना कैसे होती है?
रेलवे के Running Allowance Rules के नियम 903 और 904 के अनुसार, रनिंग स्टाफ के मूल वेतन का 30% Running Allowance का Pay Element माना जाता है। DA की गणना मूल वेतन और इस 30% Pay Element को जोड़कर की जाती है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी रनिंग कर्मचारी की Basic Pay ₹40,000 है, तो उसका 30% Pay Element ₹12,000 होगा। इस प्रकार DA की गणना के लिए राशि ₹52,000 होगी।
63% की दर से DA ₹32,760 बनेगा। पुरानी 60% दर की तुलना में हर महीने ₹1,560 का अंतर आएगा।
यह व्यवस्था रेलवे के Running Allowance Rules पर आधारित है। RBE 91/2026 में रनिंग स्टाफ के लिए अलग से इसका उल्लेख नहीं किया गया है।
“DA वेतन नहीं है” का मेरी पे-स्लिप पर क्या असर पड़ेगा?
कौन-से भत्ते या लाभ “वेतन” के आधार पर बनते हैं, और उनमें DA गिना जाता है या नहीं, यह अलग-अलग नियम से तय होता है। हम इस पोस्ट में इसके बारे में कोई दावा नहीं करते, क्योंकि आदेश में यह नहीं लिखा है। किसी खास भत्ते या लाभ के बारे में जानना हो तो उसका नियम या आदेश देखें, या अपनी अकाउंट्स ब्रांच से पूछें।
आगे क्या करें
अपनी अगली पे-स्लिप में देखें कि DA 63% पर बना है या नहीं।
एरियर आए तो पे-स्लिप से मिलाएँ कि महीने और रकम ठीक हैं।
एरियर पर टैक्स की राहत के बारे में हमारा आयकर वाला लेख पढ़ें। जुलाई से नवंबर 2026 का एरियर उसी वित्त वर्ष (2026-27) का है, इसलिए उसके लिए अलग से धारा 89(1) या 157 की राहत की जरूरत नहीं पड़ती।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए वित्त मंत्रालय के आदेश और DA 63% की पूरी खबर हमारी पिछली पोस्ट में है।
इस लेख का स्रोत: रेलवे बोर्ड का आदेश RBE No. 91/2026, फाइल नं. PC-VII/2016/1/7/2/1, दिनांक 30.10.2026 (संदर्भ: RBE 34/2026 दिनांक 24.04.2026)।
यह जानकारी रेलवे बोर्ड के आदेश RBE 91/2026 पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। बकाए की रकम का अंदाज़ मूल वेतन के 3% पर आधारित है। असली महीने, रकम और भुगतान की तारीख अकाउंट्स ब्रांच और आपकी पे-स्लिप से ही पक्की मानें।
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