
रेलवे कर्मचारियों के Deputation नियमों में बड़ा बदलाव, RBE No. 85/2026 में क्या कहा गया?
- Date of Posting
- 19 October 2026
- Applies to
- All states
रेलवे कर्मचारियों के Deputation नियमों में बड़ा बदलाव, RBE No. 85/2026 में क्या कहा गया?
भारतीय रेलवे के Group ‘C’ कर्मचारियों के लिए Deputation से जुड़े नियमों पर रेलवे बोर्ड ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। 16 अक्टूबर 2026 को जारी RBE No. 85/2026 में स्पष्ट किया गया है कि रेलवे के Group ‘C’ कर्मचारियों को राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन के अंतर्गत आने वाले Ex-cadre पदों पर Deputation की अनुमति नहीं है। इस निर्देश में राज्य सरकारों/UT प्रशासन के अधीन PSUs, स्वायत्त निकायों, वैधानिक निकायों, विश्वविद्यालयों और स्थानीय निकायों का भी उल्लेख किया गया है।
यह आदेश ऐसे कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने मूल रेलवे कैडर से बाहर राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश के किसी विभाग अथवा संस्थान में Deputation पर जाने की संभावना तलाश रहे हैं। हालांकि, आदेश को सभी प्रकार के Deputation, प्रतिनियुक्ति या अंतर-विभागीय स्थानांतरण पर सामान्य प्रतिबंध के रूप में नहीं समझना चाहिए। इसका दायरा आदेश में उल्लिखित Group ‘C’ कर्मचारियों और संबंधित Ex-cadre पदों तक सीमित है।
1. रेलवे बोर्ड ने कौन-सा आदेश जारी किया है?
रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड ने पत्र संख्या F.No. 2025/F(E)II/1(1)/1, दिनांक 16.10.2026, को RBE No. 85/2026 के रूप में जारी किया है।
आदेश का विषय है:
Deputation of Group ‘C’ employees of Central Government to State Government/UTs Administration – Modification of guidelines – Regarding.
रेलवे बोर्ड ने अपने पत्र में DoPT के 24 सितंबर 2024 के Office Memorandum का संदर्भ दिया है। रेलवे बोर्ड के अनुसार, इस विषय पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि रेलवे के Group ‘C’ कर्मचारियों को राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासन के अधीन Ex-cadre पदों पर Deputation की अनुमति नहीं है।
बोर्ड ने सभी Zonal Railways और Production Units को इस निर्देश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है।
2. किन पदों और संस्थानों पर लागू होगा निर्देश?
RBE No. 85/2026 में राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन के अंतर्गत आने वाले Ex-cadre पदों का उल्लेख है। इसमें संबंधित प्रशासन के अधीन निम्न संस्थान भी शामिल हैं:
State Government Departments
Union Territory Administrations
Public Sector Undertakings (PSUs)
Autonomous Bodies
Statutory Bodies
Universities
Local Bodies
इसलिए किसी रेलवे Group ‘C’ कर्मचारी के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं होगा कि प्रस्तावित पद किसी विभाग में है या किसी स्वायत्त संस्था में। यह भी देखना होगा कि पद संबंधित राज्य सरकार या UT प्रशासन के अधीन Ex-cadre पद है या नहीं।
महत्वपूर्ण: आदेश का वास्तविक दायरा संबंधित पद की प्रकृति, प्रशासनिक नियंत्रण और Deputation के प्रकार के आधार पर समझा जाना चाहिए।
3. DoPT के 24 सितंबर 2024 के आदेश से क्या संबंध है?
इस मामले को समझने के लिए DoPT के मूल निर्देश और रेलवे बोर्ड के नए पत्र को साथ पढ़ना जरूरी है।
DoPT ने Office Memorandum No. 6/8/2023-Pers.Policy (Deputation/Re-employment) Pt. XV(i), दिनांक 24.09.2024 के माध्यम से केंद्र सरकार के Group ‘C’ कर्मचारियों को राज्य सरकारों और UT प्रशासन के Ex-cadre पदों पर Deputation से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए थे।
इस Office Memorandum में Deputation की शर्तों, सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी, सेवा अवधि और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
इसके बाद रेलवे बोर्ड ने 16 अक्टूबर 2026 को अपने निर्देश में रेलवे के Group ‘C’ कर्मचारियों के संबंध में स्पष्ट किया कि उन्हें उल्लिखित राज्य सरकार/UT प्रशासन के Ex-cadre पदों पर Deputation की अनुमति नहीं है।
इस प्रकार, रेलवे कर्मचारियों के मामले में RBE No. 85/2026 एक महत्वपूर्ण विभागीय निर्देश है, जिसे संबंधित रेलवे प्रशासन को लागू करना है।
4. क्या अब कोई भी रेलवे कर्मचारी Deputation पर नहीं जा सकेगा?
इस प्रश्न का उत्तर सावधानी से समझना जरूरी है।
RBE No. 85/2026 में रेलवे के Group ‘C’ कर्मचारियों को राज्य सरकारों और UT प्रशासन के अधीन उल्लिखित Ex-cadre पदों पर Deputation की अनुमति न दिए जाने की बात कही गई है।
लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि रेलवे कर्मचारियों के लिए हर प्रकार की Deputation पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश में सभी केंद्रीय सरकारी विभागों, सभी केंद्रीय संस्थानों या हर प्रकार के स्थानांतरण पर सार्वभौमिक प्रतिबंध नहीं बताया गया है।
इसी तरह, Group ‘A’ और Group ‘B’ कर्मचारियों के लिए जारी अलग दिशानिर्देशों को इस आदेश से स्वतः बदल हुआ नहीं माना जाना चाहिए। संबंधित कर्मचारी की श्रेणी, पद और Deputation की प्रकृति के अनुसार लागू नियमों की जांच आवश्यक है।
5. पहले से चल रहे मामलों पर क्या असर पड़ेगा?
RBE No. 85/2026 के उपलब्ध पाठ में पहले से स्वीकृत Deputation, लंबित आवेदनों या पहले जारी किए गए Deputation आदेशों के निपटारे के लिए अलग संक्रमणकालीन प्रावधान स्पष्ट रूप से नहीं दिया गया है।
इसलिए यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि प्रत्येक लंबित आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा या पहले से स्वीकृत हर Deputation आदेश तत्काल समाप्त हो जाएगा।
ऐसे मामलों में संबंधित रेलवे प्रशासन से यह स्पष्ट कराना उचित होगा कि नया निर्देश लंबित मामलों, पहले से स्वीकृत अवधि और वर्तमान में Deputation पर कार्यरत कर्मचारियों पर किस प्रकार लागू किया जाएगा।
6. रेलवे कर्मचारियों के लिए यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
Deputation कर्मचारियों को अपने मूल कैडर से बाहर किसी अन्य विभाग या संस्था में निर्धारित अवधि के लिए काम करने का अवसर प्रदान कर सकती है। इससे कर्मचारी को अलग कार्यक्षेत्र का अनुभव मिल सकता है और विभिन्न प्रशासनिक व्यवस्थाओं में काम करने का अवसर मिलता है।
नए रेलवे बोर्ड निर्देश के कारण राज्य सरकारों और UT प्रशासन के अधीन संबंधित Ex-cadre पदों पर जाने की योजना बना रहे Group ‘C’ कर्मचारियों को अपनी पात्रता और लागू नियमों की दोबारा जांच करनी चाहिए।
यदि कोई कर्मचारी पहले से आवेदन कर चुका है, तो उसे संबंधित स्थापना शाखा से अपने मामले की स्थिति और लागू प्रावधानों पर लिखित स्पष्टीकरण प्राप्त करना चाहिए।
7. आदेश के प्रमुख बिंदु एक नजर में
विवरण | जानकारी |
|---|---|
आदेश जारी करने वाला प्राधिकरण | Railway Board, Ministry of Railways |
RBE संख्या | 85/2026 |
पत्र संख्या | F.No. 2025/F(E)II/1(1)/1 |
जारी होने की तारीख | 16 अक्टूबर 2026 |
संबंधित कर्मचारी वर्ग | Group ‘C’ Railway Employees |
मुख्य निर्देश | राज्य सरकार/UT प्रशासन के अधीन उल्लिखित Ex-cadre पदों पर Deputation की अनुमति नहीं |
अनुपालन | Zonal Railways और Production Units को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश |
निष्कर्ष
रेलवे बोर्ड का RBE No. 85/2026 राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन के अंतर्गत Ex-cadre पदों पर Deputation के संबंध में रेलवे के Group ‘C’ कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश है।
इस आदेश का प्रभाव उन कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो संबंधित राज्य या UT प्रशासन के अधीन पदों पर Deputation के अवसर तलाश रहे हैं। हालांकि, लंबित आवेदनों, पहले से स्वीकृत मामलों और अन्य प्रकार की Deputation पर इसके प्रभाव को समझने के लिए संबंधित नियमों और प्रशासनिक स्पष्टीकरण को देखना आवश्यक है।
कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले RBE No. 85/2026 और DoPT के मूल Office Memorandum का अध्ययन करें।
स्रोत एवं आधिकारिक संदर्भ
1. Railway Board
आदेश संख्या: RBE No. 85/2026
पत्र संख्या: F.No. 2025/F(E)II/1(1)/1
दिनांक: 16.10.2026
विषय: Deputation of Group ‘C’ employees of Central Government to State Government/UTs Administration – Modification of guidelines.
2. Department of Personnel & Training (DoPT)
Office Memorandum No. 6/8/2023-Pers.Policy (Deputation/Re-employment) Pt. XV(i)
दिनांक: 24.09.2024
विषय: Deputation of Group ‘C’ employees of the Central Government to the State Governments/Union Territories Administration – Modification in guidelines.
संपादकीय टिप्पणी: समाचार उपलब्ध Railway Board आदेश और संलग्न DoPT Office Memorandum पर आधारित है। जहां आदेश में स्पष्ट प्रावधान नहीं है, वहां प्रभाव के बारे में निश्चित दावा नहीं किया गया है।
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