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रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया नियम: स्किल टेस्ट, सर्टिफिकेट और तैनाती की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया नियम: स्किल टेस्ट, सर्टिफिकेट और तैनाती की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

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Date of Posting
18 October 2026

रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया नियम: स्किल टेस्ट, सर्टिफिकेट और तैनाती की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

Railway Board RBE No. 46/2026: रेलवे परियोजनाओं और कार्यों में तकनीकी दक्षता, कौशल परीक्षण तथा प्रमाणन को लेकर नई नीति जारी

भारतीय रेलवे में कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता, कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने एक नई नीति जारी की है। इस नीति में विभिन्न तकनीकी कार्यों के लिए आवश्यक कौशल की पहचान, Skill Test, Certification और योग्य व्यक्तियों की तैनाती की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य रेलवे के कार्यों में प्रशिक्षित और सक्षम मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि RBE No. 46/2026 की यह नीति मुख्य रूप से ठेकेदारों के माध्यम से रेलवे परियोजनाओं और कार्यों में लगाए जाने वाले कुशल कारीगरों, तकनीकी कर्मचारियों तथा सुपरवाइजरों पर लागू होती है; यह रेलवे के सभी नियमित कर्मचारियों की भर्ती, पदोन्नति या विभागीय परीक्षा के नियमों में सामान्य बदलाव का आदेश नहीं है।

रेलवे बोर्ड ने क्या जारी किया है?

रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड ने पत्र संख्या 2026/E(Trg)/41/23, दिनांक 10 जून 2026, के माध्यम से Policy for Promoting Skilling of Artisans/Supervisors in Railway Projects and Works जारी की है। यह आदेश RBE No. 46/2026 के रूप में जारी किया गया है।

रेलवे बोर्ड के अनुसार, रेलवे में बड़ी संख्या में ऐसे प्रोजेक्ट और कार्य किए जाते हैं जिनमें ठेकेदारों तथा आउटसोर्स किए गए कर्मचारियों की सेवाएं ली जाती हैं। इन कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा और समय पर पूरा होना इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित काम करने वाले लोगों के पास आवश्यक तकनीकी कौशल और व्यावहारिक अनुभव है या नहीं।

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कौशल परीक्षण और प्रमाणन के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था बनाने की नीति लाई गई है।

नई नीति के प्रमुख उद्देश्य

रेलवे बोर्ड की नीति में निम्नलिखित उद्देश्यों पर जोर दिया गया है:

  • रेलवे परियोजनाओं और कार्यों के लिए सक्षम तथा प्रमाणित मानव संसाधन उपलब्ध कराना।

  • अलग-अलग जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट में Skill Assessment तथा Certification की प्रक्रिया में एकरूपता लाना।

  • कारीगरों की कार्यकुशलता, सुरक्षा और उत्पादकता में सुधार करना।

  • महत्वपूर्ण और सुरक्षा-संवेदनशील कार्यों के लिए उपयुक्त कौशल वाले व्यक्तियों की तैनाती सुनिश्चित करना।

  • प्रमाणित कारीगरों और सुपरवाइजरों का सत्यापन योग्य डेटाबेस तैयार करना।

किन कार्यों और ट्रेडों को शामिल किया गया है?

नीति के अनुसार, ठेकेदारों के माध्यम से कराए जाने वाले रेलवे प्रोजेक्ट और कार्यों में, जहां कुशल कारीगरों, हाउसकीपिंग स्टाफ और सुपरवाइजरों की आवश्यकता हो, वहां संबंधित कार्य के अनुरूप कौशल स्तर निर्धारित किया जा सकता है।

इसमें निम्नलिखित क्षेत्रों के कार्य शामिल हो सकते हैं:

  • Civil Engineering

  • Electrical Works

  • Mechanical Works

  • Signalling एवं Telecommunications

  • Track Works

  • Rolling Stock

  • Fabrication

  • Welding तथा अन्य विशेष तकनीकी कार्य

रेलवे बोर्ड ने उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया है कि स्टेनलेस स्टील पर वेल्डिंग, रेलवे कोचों में वायरिंग तथा फर्श पर टाइल लगाने जैसे अलग-अलग कार्यों के लिए विशिष्ट कौशल की जरूरत हो सकती है। इसलिए हर काम के लिए एक समान कौशल मानक के बजाय संबंधित ट्रेड के अनुरूप परीक्षण की व्यवस्था की जा सकती है।

Skill Test कैसे होगा?

नीति में कारीगरों और सुपरवाइजरों के लिए अलग-अलग मूल्यांकन पद्धतियों का प्रावधान किया गया है।

कारीगरों (Artisans) के लिए:

  • वास्तविक कार्यस्थल जैसी परिस्थितियों में Practical Skill Test।

  • कार्यकुशलता और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम करने की क्षमता का आकलन।

  • Oral Examination।

सुपरवाइजरों के लिए:

  • तकनीकी ज्ञान का आकलन करने के लिए Oral Examination।

  • Report Writing और Communication Skills का मूल्यांकन।

संबंधित जोनल रेलवे या प्रोडक्शन यूनिट में विभागाध्यक्ष/नामित प्राधिकारी ट्रेड के अनुसार आवश्यक कौशल, परीक्षण की पद्धति और परीक्षण करने वाले प्राधिकारी को निर्धारित करेंगे।

प्रमाणपत्र और QR Code से होगा सत्यापन

नीति के अनुसार, कारीगरों और तकनीकी कर्मचारियों के Skill Test के बाद आवश्यक प्रमाणपत्र या Skill Test Card जारी किया जाएगा। प्रमाणपत्र की वैधता अवधि संबंधित जोनल रेलवे या प्रोडक्शन यूनिट द्वारा निर्धारित की जाएगी।

इन प्रमाणपत्रों पर QR Code होगा, जिसके माध्यम से Live Database में सत्यापन किया जा सकेगा। नीति में यह भी कहा गया है कि संबंधित कार्य पर केवल उन्हीं कारीगरों/तकनीकी कर्मचारियों को तैनात किया जा सकेगा जिनके पास वैध Skill Card या Certificate होगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ठेकेदार द्वारा तैनात किए गए व्यक्ति के कौशल और प्रमाणपत्र की जांच की जा सके।

Skill Test में असफल होने पर क्या होगा?

नीति में परीक्षण की प्रक्रिया से जुड़े समय और दोबारा अवसर का भी उल्लेख है।

  • Skill Test की प्रक्रिया—परीक्षण निर्धारित करने से लेकर परिणाम घोषित करने तक—सामान्यतः प्रत्येक मामले में 1 से 2 दिन में पूरी की जानी चाहिए।

  • जो कारीगर या सुपरवाइजर परीक्षण में सफल नहीं होगा, उसे आवश्यक कौशल हासिल करने के लिए प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण लेने का अवसर दिया जाएगा।

  • ऐसे व्यक्ति का दोबारा परीक्षण 3 महीने बाद किया जा सकता है।

  • ठेकेदार को परीक्षण के लिए कर्मचारियों का दूसरा समूह उपलब्ध कराना होगा।

क्या यह रेलवे के सभी नियमित कर्मचारियों पर लागू होगा?

यह सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। RBE No. 46/2026 को सभी नियमित रेलवे कर्मचारियों के लिए नई परीक्षा या प्रमाणन व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।

आदेश का मुख्य उद्देश्य ठेकेदारों के माध्यम से रेलवे परियोजनाओं और कार्यों में लगाए जाने वाले कुशल कारीगरों, तकनीकी कर्मचारियों तथा सुपरवाइजरों के कौशल का आकलन और सत्यापन करना है।

इस आदेश में नियमित रेलवे कर्मचारियों की पदोन्नति, वरिष्ठता, वेतनमान, भर्ती नियम या विभागीय परीक्षा में बदलाव का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं दिया गया है। इसलिए नियमित कर्मचारियों पर इसके किसी अलग प्रभाव का निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित विभाग के अतिरिक्त आदेश या स्पष्टीकरण की आवश्यकता होगी।

रेलवे कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नीति?

रेलवे में तकनीकी कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए सही कौशल वाले व्यक्तियों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। नई नीति के तहत ठेकेदारों के माध्यम से लगाए जाने वाले कर्मियों की योग्यता का परीक्षण, प्रमाणपत्र का सत्यापन और कार्य के अनुरूप तैनाती अधिक व्यवस्थित हो सकती है।

इससे रेलवे परियोजनाओं में कौशल मानकों को स्पष्ट करने तथा कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन इसके जोनल स्तर पर लागू होने और संबंधित विभागों द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर किया जा सकेगा।

स्रोत एवं आदेश विवरण

आदेश: Railway Board RBE No. 46/2026
पत्र संख्या: 2026/E(Trg)/41/23
दिनांक: 10 जून 2026
विषय: Policy for Promoting Skilling of Artisans/Supervisors in Railway Projects and Works
जारीकर्ता: Ministry of Railways, Railway Board

नोट: यह समाचार रेलवे बोर्ड के उपलब्ध आदेश पर आधारित है। नीति के दायरे को समझने के लिए मूल आदेश का संदर्भ लिया जाना चाहिए।

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