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रेलवे कर्मचारियों की मातृत्व, पितृत्व, गोद लेने और चाइल्ड केयर लीव: RBE 52/2025 के सुधरे नियम

रेलवे कर्मचारियों की मातृत्व, पितृत्व, गोद लेने और चाइल्ड केयर लीव: RBE 52/2025 के सुधरे नियम

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Date of Posting
29 October 2026
Applies to
All states

रेलवे बोर्ड ने 9 जून 2025 को आदेश RBE 52/2025 जारी किया। इसमें इंडियन रेलवे एस्टैब्लिशमेंट कोड (IREC) खंड-I के नियम 551, 551(A), 551(C), 551(D) और 551(E) को नए सिरे से लिखा गया है। ये नियम मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश, बच्चा गोद लेने की छुट्टी और चाइल्ड केयर लीव के हैं। इस लेख में आदेश की बातें आसान भाषा में रखी गई हैं।

एक नजर में

छुट्टी

किसे

कितने दिन

वेतन

नियम

मातृत्व अवकाश

महिला कर्मचारी, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हों

180 दिन

छुट्टी से ठीक पहले जितना वेतन

551

गर्भपात की छुट्टी

महिला कर्मचारी (बच्चों की संख्या से फर्क नहीं)

45 दिन तक

मातृत्व अवकाश की तरह

551(3)

पितृत्व अवकाश

पुरुष कर्मचारी, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हों

15 दिन

छुट्टी से ठीक पहले जितना वेतन

551(A)

बच्चा गोद लेने की छुट्टी

महिला कर्मचारी, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हों

180 दिन

छुट्टी से ठीक पहले जितना वेतन

551(C)

गोद लेने पर पितृत्व अवकाश

पुरुष कर्मचारी, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हों

15 दिन

छुट्टी से ठीक पहले जितना वेतन

551(D)

चाइल्ड केयर लीव (CCL)

महिला कर्मचारी और अकेले पुरुष कर्मचारी

पूरी नौकरी में 730 दिन

पहले 365 दिन पूरा, अगले 365 दिन 80%

551(E)

1. मातृत्व अवकाश (नियम 551)

  • दो से कम जीवित बच्चों वाली महिला रेलवे कर्मचारी (अप्रेंटिस भी) को छुट्टी देने वाले सक्षम अधिकारी 180 दिन का मातृत्व अवकाश दे सकते हैं।

  • इस दौरान उसे वही वेतन मिलता है जो छुट्टी पर जाने से ठीक पहले मिल रहा था।

  • जिन कर्मचारियों पर कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) अधिनियम लागू होता है, उनके वेतन में से उस अवधि का ESI का लाभ घटा दिया जाएगा।

  • गर्भपात होने पर, डॉक्टर का प्रमाण पत्र देने पर, पूरी नौकरी में 45 दिन तक की छुट्टी मिल सकती है। इसमें बच्चों की संख्या की शर्त नहीं है। 31.03.1995 से पहले ली गई मातृत्व छुट्टी इस गिनती में नहीं जुड़ेगी।

  • मातृत्व अवकाश के साथ दूसरी किसी भी छुट्टी को जोड़ा जा सकता है।

  • मातृत्व अवकाश के बाद, चाहें तो देय और स्वीकार्य छुट्टी (60 दिन तक की कम्यूटेड लीव और बिना खाते की छुट्टी भी) अधिकतम दो साल तक जोड़ी जा सकती है। इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी नहीं है।

  • मातृत्व अवकाश आपके लीव खाते से नहीं कटता।

  • सरोगेसी: सरोगेट माँ और कमीशनिंग माँ, दोनों में से जो रेलवे कर्मचारी हो और जिसके दो से कम जीवित बच्चे हों, उसे 180 दिन की छुट्टी मिल सकती है। यह 18.06.2024 से लागू है।

2. पितृत्व अवकाश (नियम 551(A))

  • दो से कम जीवित बच्चों वाले पुरुष रेलवे कर्मचारी (अप्रेंटिस भी) को 15 दिन की पितृत्व छुट्टी मिल सकती है। यह पत्नी की प्रसूति के समय ली जाती है: बच्चे के जन्म से 15 दिन पहले से लेकर जन्म के छह महीने बाद तक।

  • वेतन छुट्टी से ठीक पहले जितना मिलता है।

  • इसे दूसरी छुट्टी के साथ जोड़ा जा सकता है और यह लीव खाते से नहीं कटती।

  • यह छुट्टी एक ही बार (सिंगल स्पेल) में ली जा सकती है।

  • तय अवधि में न ली जाए तो यह खत्म (लैप्स) हो जाती है।

  • आदेश में लिखा है कि पितृत्व अवकाश सामान्यतः किसी भी हालत में मना नहीं किया जाना चाहिए।

  • सरोगेसी: सरोगेसी से पैदा बच्चे के कमीशनिंग पिता को, जो रेलवे कर्मचारी हो और जिसके दो से कम जीवित बच्चे हों, बच्चे के जन्म से छह महीने के भीतर 15 दिन की छुट्टी मिल सकती है (18.06.2024 से लागू)।

3. बच्चा गोद लेने की छुट्टी: महिला (नियम 551(C))

  • दो से कम जीवित बच्चों वाली महिला कर्मचारी को, एक साल से छोटे बच्चे को गोद लेने पर या गोद लेने से पहले की पालन-पोषण देखभाल (pre-adoption foster care) में बच्चा लेने पर, 180 दिन की छुट्टी मिल सकती है। यह बच्चा लेने के तुरंत बाद दी जाती है।

  • अगर पालन-पोषण के बाद वैध गोद लेना नहीं हुआ, तो ली गई छुट्टी उसकी किसी और छुट्टी में से काटी जाएगी (18.05.2023 से लागू)।

  • वेतन छुट्टी से ठीक पहले जितना मिलता है।

  • वैध गोद लेने पर, चाहें तो देय और स्वीकार्य छुट्टी (60 दिन तक की कम्यूटेड लीव और बिना खाते की छुट्टी भी) एक साल में से बच्चे की उम्र घटाकर जितनी बचे, उतनी जोड़ी जा सकती है। इसमें मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। अगर गोद लेते समय पहले से दो जीवित बच्चे हैं, तो यह सुविधा नहीं मिलेगी।

  • यह छुट्टी लीव खाते से नहीं कटती।

  • इस नियम में “बच्चा” में वह बच्चा भी आता है जिसे कर्मचारी ने कानून के अनुसार अपना वार्ड बनाया हो, बशर्ते वह साथ रहता हो, परिवार का सदस्य माना जाता हो और कर्मचारी ने वसीयत में उसे अपने सगे बच्चे जैसा दर्जा दिया हो।

4. गोद लेने पर पितृत्व अवकाश: पुरुष (नियम 551(D))

  • दो से कम जीवित बच्चों वाले पुरुष कर्मचारी को, एक साल से छोटे बच्चे को गोद लेने या पालन-पोषण देखभाल में लेने पर, छह महीने के भीतर 15 दिन की छुट्टी मिल सकती है।

  • अगर गोद लेना पूरा नहीं हुआ, तो ली गई छुट्टी उसकी किसी और छुट्टी में से काटी जाएगी।

  • वेतन छुट्टी से ठीक पहले जितना मिलता है। छुट्टी दूसरी छुट्टी के साथ जुड़ सकती है और लीव खाते से नहीं कटती।

  • तय अवधि में न ली जाए तो खत्म हो जाती है। इसे भी सामान्यतः मना नहीं किया जाना चाहिए।

5. चाइल्ड केयर लीव, CCL (नियम 551(E))

  • किसे: महिला रेलवे कर्मचारी और अकेले पुरुष रेलवे कर्मचारी। “अकेला पुरुष कर्मचारी” का मतलब है अविवाहित, विधुर या तलाकशुदा।

  • कितनी: पूरी नौकरी में अधिकतम 730 दिन, दो सबसे बड़े जीवित बच्चों की देखभाल के लिए। देखभाल का मतलब पालन-पोषण, पढ़ाई, बीमारी जैसी कोई भी जरूरत है।

  • बच्चा कौन: 18 साल से कम उम्र का बच्चा, या किसी भी उम्र का बच्चा जिसकी विकलांगता कम से कम 40% हो।

  • वेतन: पहले 365 दिन पूरा वेतन, अगले 365 दिन वेतन का 80%।

  • कितनी बार: एक कैलेंडर साल में अधिकतम तीन बार (स्पेल)। अकेली महिला कर्मचारी को छह बार।

  • बच्चा अस्पताल में भर्ती हो तो: रेलवे बोर्ड के पत्र E(P&A)I-2019/CPC/LE-2 दिनांक 24.10.2024 (RBE 101/2024) के अनुसार, जब बच्चा अस्पताल में इनपेशेंट के तौर पर भर्ती हो, तो छुट्टी देने वाला अधिकारी तीन बार की सीमा के ऊपर अधिकतम तीन और बार की छूट दे सकता है।

  • कम से कम पाँच दिन: एक बार में पाँच दिन से कम की चाइल्ड केयर लीव नहीं मिलती।

  • प्रोबेशन में: आम तौर पर नहीं मिलती। बहुत खास हालात में, जब अधिकारी जरूरत से संतुष्ट हो, तो कम से कम अवधि के लिए मिल सकती है।

  • इसे दूसरी छुट्टी के साथ जोड़ा जा सकता है। इसके बाद देय और स्वीकार्य छुट्टी (60 दिन तक की कम्यूटेड लीव और बिना खाते की छुट्टी भी) एक साल तक जोड़ी जा सकती है, बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के।

  • CCL लीव खाते से नहीं कटती।

  • सरोगेसी: दो से कम जीवित बच्चों वाली कमीशनिंग माँ को CCL मिल सकती है।

  • कागज: महिला कर्मचारी के मामले में विकलांग बच्चे के लिए विकलांगता का प्रमाण और बच्चे के उस पर निर्भर होने का प्रमाण देना पड़ता है। CCL का खाता सर्विस बुक के साथ रखा जाता है।

  • छुट्टी का नकद भुगतान: CCL के दौरान नियम 540-A के तहत औसत वेतन पर छुट्टी का नकद भुगतान (लीव एनकैशमेंट) नहीं लिया जा सकता।

इन बातों का ध्यान रखें

  • पितृत्व अवकाश तय अवधि में ही लें, वरना यह खत्म हो जाती है।

  • CCL के कुल दिन गिनकर रखें और लीव खाता सर्विस बुक में अपडेट करवाएँ।

  • CCL हर बार कम से कम पाँच दिन की लें और साल में तीन बार की सीमा याद रखें।

  • गोद लेने की छुट्टी में, अगर गोद लेना पूरा नहीं हुआ तो ली गई छुट्टी दूसरी छुट्टी में से कटेगी।

  • अपने जोन या डिवीजन की पर्सनल ब्रांच से पूछकर देखें कि आपके यहाँ आवेदन का कौन-सा फॉर्म और कागज चलता है।

बाकी नियमों और आदेशों के लिए हमारा सर्कुलर सेक्शन देखें।

इस लेख का स्रोत: रेलवे बोर्ड का आदेश RBE No. 52/2025, पत्र संख्या E(P&A)I-2024/CPC/LE-2, दिनांक 09.06.2025, विषय: इंडियन रेलवे एस्टैब्लिशमेंट कोड खंड-I (1985, पुनर्मुद्रण 2008) के अध्याय V में संशोधन, एडवांस करेक्शन स्लिप संख्या 149। आदेश में दिए गए आधार: DoP&T की अधिसूचनाएँ 13018/7/94-Estt.(L) दिनांक 31.03.1995, G.S.R. 283(E) दिनांक 04.04.2012, GSR 374(E) दिनांक 18.05.2023, G.S.R. 331(E) दिनांक 18.06.2024 और रेलवे बोर्ड का पत्र E(P&A)I-2019/CPC/LE-2 दिनांक 24.10.2024 (RBE 101/2024)।

यह जानकारी रेलवे बोर्ड के आदेश RBE 52/2025 पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। आदेश में हिंदी संस्करण बाद में आने की बात लिखी है, और बाद में नए आदेश आ सकते हैं। अपना आवेदन देने से पहले मूल आदेश और अपने पर्सनल ब्रांच से पुष्टि जरूर करें।

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